26/01/2016

नए वकीलों को मानदेय देने की तैयारी मे यू पी बार काउंसिल !


बरेली बार व्सोसियव्श्न की नयी कार्यकरिणी ,अध्यक्ष घनश्याम शर्मा,सचिव अमर भारती की टीम ने 26 जन वारी 2016 को गंतत्र दिवस के मौके पर अपना कार्यभार ग्रहण किया । 
समारोह के मुख्य अतिथि इलाहाब्द हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस कालीमुल्लाह का स्वागत करते जिला जज बरेली ,श्री ए के सिंह ,साथ मे बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट घनश्याम शर्मा । 
मुख्य अतिथि जस्टिस क्लीमुल्लाह का स्वागत करते बार एसोसिएशन के सचिव एडवोकेट अमरभारती । 
जस्टिस क्लीमुलाह का स्वागत करते हुये वारिस्थ पत्रकार व एडवोकेट आशीष अग्रवाल । 






जस्टिस क्लीमुल्लाह का स्वागत करते हुये एडवोकेट ममता गोयल ,साथ मे बार एसोसिएशन के अध्यक्ष घनश्याम शर्मा । 



समारोह मे पहुंचे पूर्व सांसद वीरपाल सिंह (सपा),व प्रवीण सिंह एरन (कांग्रेस ),बीच मे पत्रकार व एडवोकेट आशीष अग्रवाल । 
जस्टिस कलीमुल्लाह से भोजन के दौरान वार्ता करते हुये पत्रकार व एडवोकेट आशीष अग्रवाल । 

जस्टिस कालीमुलाह के साथ वार्ता करते हुये वरिष्ठ एडवोकेट और बरेली के पूर्व DGC (Criminal ) राजेश सिंह यादव । 


शपथ ग्रहण समारोह मे उपस्थित बरेली का अधिवक्ता समुदाय । 











ह एक खास बात है कि बरेली बार एसोसिएशन की नयी कार्यकारिणी उसी दिन शपथ लेती है जिस दिन देश को पूर्ण गणराज्य का दर्जा मिला । इस ऐतिहासिक दिन के संयोग पर मुख्य अतिथि जस्टिस कलीमुल्लाह ने भी सराहा । 
रेली बार एसोसिएशन की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी ,नए अध्यक्ष घनश्याम शर्मा और सचिव अमर भारती की टीम ने 26 जनवरी को गणतन्त्र दिवस के मौके पर अधिवक्ताओं और संगठन के हित मे काम करने की शपथ ले ली । बरेली के पूर्व जिला जज और इलाहाबाद हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस कालीमुल्लाह ने बरेली बार एसोसिएशन के सभी पदाधिकारियों को एक साथ शपथ दिलाई ।
स मौके पर आए बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के पूर्व अध्यक्ष और मौजूदा सदस्य एडवोकेट बलवंत सिंह ने कई खास ऐलान किए -जिसमें नए वकीलों को शुरुआती दौर मे कुछ वर्षों तक प्रशिक्षु भत्ता देने की बात खास है । इसके अलावा उन्होने नए वकीलों के लिए आल इंडिया बार काउंसिल द्वारा लगाई जा रही एक और परीसखा पास करने की बाध्यता के खिलाफ बरेली बार एसोसिएशन के सचिव अमर भारती की मुहिम से सहमति प्रकट करते हुये बताया कि बार काउंसिल आफ यू पी भी इस बारे मे सहमत नहीं है और यही प्रयास है तीन साल की विधि परीसखा पास करने के बाद किसी भी युवा को दोबारा परीक्षा न देनी पड़े ,आखिर ऐसी परीक्षाओं के बाद विश्वविद्यालयों की परीक्षा का क्या महत्व रह जाएगा ?
मारोह मे सचिव अमर भारती संक्षिप्त और सारगर्भित संचालन के दौरान ही प्रखर राजनेता की भूमिका मे नजर आए ,वहीं अपनी चिर परिचित शैली मे अध्यक्ष घनश्याम शर्मा ने चंद शब्दों मे ही अपनी बात करके भविष्य के इरादे का संकेत दे दिया कि बोलने से ज्यादा करके दिखया जाए ,यह सही है बरेली के विशाल अधिवक्ता समाज को उनसे बेहद उम्मीदें हैं । तमाम वक्ताओं के भाषों मे जहां शेरो शायरी की बहुतायत रही वहीं ,पूर्व डीजीसी क्रिमिनल Rajesh Singh Yadav एक मात्र ऐसे अधिवक्ता रहे जिनका भाषण पूरी तरह बार और बेंच के बीच की व्यावहारिक दिक्कतों और कानून पर केन्द्रित रहा । समारोह मे बार के निवर्तमान अध्यक्ष विनोद कुमार श्रीवास्तव की अनुपस्थिति कुछ खली जबकि बार काउंसिल आफ यू पी के सदस्य और अधिवक्ता Shirish Mehrotra झण्डा रोहण के बाद नहीं दिखाई दिये ! वरिष्ठ अधिवक्ता एवं कवि,साहित्यकार स्व राम प्रकाश गोयल की पुत्री ममता गोयल एडवोकेट भी समारोह मे पहुंची !

-आशीष अग्रवाल 

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