27/07/2008

दुनिया में बरेली

झुमका बरेली का एक ऐसा प्रयोग है जिसके जरिए  हम और आप अपनी जड़ों को गहरे तक तक खोज और सींच भी सकते हैं। तेजी से बदलती, दौड़ती और धड़कती ज़िन्दगी में आज तरक्की तो है मगर ज़िन्दगी की तलाश मरते दम तक न तो पूरी होती है,न कम। 

 यह तलाश कब शुरू होती है ,इसका भी अहसास इस ज़िन्दगी की भागम- भाग में, यह ज़िन्दगी ही हमें नही होने देती !आख़िर क्यूँ है, ऐसा कभी सोचा हमने? कभी नहीं ? क्यूँ?  इसलिए  ज़िन्दगी की तेज रफ्तार में आगे निकलने की होड़ तो है मगर इस होड़ में एक और तलाश अनजाने में ही शुरू हो जाती है वोस है ज़िन्दगी की तलाश हम इस हकीकत से जानकर भी अनजान बन जाते है और यह भी भूल जाता हैं यह बहाग दौड़ आज तरक्की की तलाश में है या ज़िन्दगी की तलाश में ?डर असला यह भाग दौड़ तो ज़िन्दगी की ही तलाश में है और इसको हम तरक्की का नम देकर ख़ुद को समझाने और खुश होने का पर्यास करते हैंहकीकत में यह भाग दौड़ ज़िन्दगी की ही है और इसकी मंजिल है हमारी जड़ें (our roots)और जब जड़ों की तलाश पूरी हो जाती है हम अपनी मंजिल मिल गई ऐसा समझते हैंअफ़सोस तब तक इतनी देर भाग भाग कर ज़िन्दगी भी इतनी थक चुकी होती है की जड़ों से ख़ुद को जोड़ने का समय ही नही मीलता ,या हमजुड़ नही पाते यही सब सोच कर मैंने यह ब्लॉग बरेली के लोगों के लिए बनाया है क्यूंकि मई जब ख़ुद जड़ों की बात कर रहा हूँ तो शायद मुझे ही पहल करनी होगी और यह पहल करने के लिए बरेली ही इस दुनिया में एक ऐसा मुकाम है मुक्कम्मल जगह हैतो आज भगवान कृष्णके जन्मदिन पूरी दुनिया में बिखर ही के मौके पर पूरी दुनिया में बीखरे हुएबरेली के लोगों को खास तौर पे इस दिन की शुभकामनायें देते हुए मई आप सबको आमंत्रित करता हूँ की इस ब्लॉग से जुड़कर" बरेलीकी दुनीया "बनायें क्यूंकि दुनीया में बरेली कम नही है !"

3 टिप्‍पणियां:

dhiru singh {धीरू सिंह} ने कहा…

आशीष भाई
आपका ब्लॉग देखा . हमारा बरेली ब्लॉग पर "मेरी बरेली मेरी शान" के रूप मे है . अवलोकन करे और हो सके तो बरेली की पहचान झुमका न होकर आला हजरत हो या भोले शंकर हो या वहां का सौहार्द यो अच्छा होगा

संगीता पुरी ने कहा…

बहुत सुंदर।

Sumit Bhatia ने कहा…

ek aachi shuruaat ki hai ashish ji aapne , aakir bareilly wale piche kyun rahe blogging mai....
aapnai blog ko update karte rahe....


SUMIT BHATIA
BAREILLY

Mob. 9997081931